राज , आपने और आपके मेहमान ने केवल उस वर्ग की बात की है जो पहले से ही व्यापारी परिवार से आते हैं या किसी तरह से वाणिज्य से जुड़े हैं। वहीं कुछ लोग हम जैसे भी है जो उन परिवारों या कहें पृष्टभूमि से आते हैं जो अपने बच्चों को बाजार में पैसा लगाने , व्यापार करने और शेयर बाजार से दूर रहने को कहते हैं । वो लोग जो बच्चों को निजी या सरकारी नाकरी करने के लिये ही पढ़ाते हैं। यकीन मानिये ये बहुत बड़ा वर्ग है, आपने उनके बारे में कुछ नहीं कहा । ॥